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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना प्रभावित बोले

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श्रीनगर। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना प्रभावितों ने सर्किल रेट पर भूमि देने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने आरवीएनएल (रेल विकास निगम लि.) और प्रशासन पर गुमराह करने के साथ ही बैठक की सूचना न देने का आरोप लगाया। प्रभावितों का कहना था कि उन्हें उनकी पैतृक संपत्ति से बेदखल कर मात्र 14 हजार 440 रुपये थमाए जा रहे हैं। उन्होंने एक परियोजना एक मुआवजे की मांग की।
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बुधवार को उच्च शिक्षा राज्यमंत्री/क्षेत्रीय विधायक डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में परियोजना प्रभावितों, आरवीएनएल और प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। इस मौके पर धन सिंह ने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना निर्माण से पूर्व प्रभावितों की समस्याओं का समाधान किया जाना है। कुछ मुद्दों को कैबिनेट में रखवाया जाएगा। बताया कि कुछ समय बाद पुन: प्रभावितों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही रुद्रप्रयाग व चमोली जिले में भी बैठक होंगी। वहीं दूसरी ओर प्रभावितों ने रोष जताया कि बैठक में राजनीतिक दलों व व्यापारी नेताओं को तो बुलाया गया, लेकिन प्रभावितों को सूचना नहीं दी गई। ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य भी बैठक में बिना बुलाए आए। आप नेता नवीन नौटियाल ने कहा कि रेलवे में परियोजना प्रभावितों को नौकरी मिलने का प्रावधान है, लेकिन उन्हें आरवीएनएल गुमराह करता आ रहा है। वहीं ग्रामीण लक्ष्मण सिंह रावत ने कहा कि सुमेरपुर में दोहरे मानक अपनाए जा रहे हैं। इसमें सुधार किया जाए। जबकि ग्राम प्रधान डुंगरीपंथ त्रिभुवन राणा ने कहा कि ग्रामीण सर्किल रेट पर अपनी इंच भर जमीन नहीं देंगे। इसका विरोध किया जाएगा। वहीं आरवीएनएल के एजीएम विजय डंगवाल ने रेलवे लाइन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि श्रीनगर से रानीहाट को जोड़ने के लिए आकर्षक पुल का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर डीएम सुशील कुमार, एसएसपी जेआर जोशी, आरवीएनएल के डीजीएम डा. शिव कुमार बरनवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व प्रभावित मौजूद थे।
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