बदरीनाथ। नारायण पर्वत पर एक साधु की कुटिया के समीप कूड़े के ढेर में लगी आग देखते ही देखते डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में फैल गई। एसडीआरएफ के जवानों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पर्वत के मध्य भाग में स्थित एक साधु की कुटिया आग की चपेट में आने से बाल-बाल बची।
नारायण पर्वत पर सुबह नौ बजे गहरा धुआं उठता दिखा। धीरे-धीरे आग की लपटें तेज हो गई। आग उच्च हिमालयी क्षेत्र की ओर बढ़ रही थी। सूचना मिलने पर पूर्वाह्न 11 बजे बदरीनाथ थाने से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पानी और हरी टहनियों की मदद से चार घंटे में आग पर काबू पाया। यहां मोनी बाबा नाम के साधु की कुटिया भी है। आग कुटिया तक पहुंच गई थी, जिससे साधु अपनी जान बचाने के लिए कुटिया को छोड़कर बदरीनाथ धाम पहुंच गया। बदरीनाथ के थानाध्यक्ष अनिल जोशी का कहना है कि कुटिया से कुछ दूरी पर कूड़े में आग लगाई गई थी, जो देखते ही देखते करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में फैल गई थी। अब आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।