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जिस पेयजल लाइन पर 12 लाख खर्चे वह 15 जगह टूटी मिली

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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
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आपदा में क्षतिग्रस्त फूलचट्टी, रत्तापानी, घट्टूगाड़ पेयजल योजना की मरम्मत पर जल निगम कोटद्वार डिवीजन के अधिकारी आपदा मद में 12 लाख रुपये खर्च करने और लाइन को दुरुस्त करने की बात कर रहे थे वह पेयजल लाइन विभागीय फीटर को निरीक्षण में जगह-जगह से क्षतिग्रस्त मिली। विभागीय फीटर ने इसकी रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को देने और उसके बाद मरम्मत कार्य कराने की बात कही है। बीते 21 अप्रैल को अमर उजाला में ‘लाखों खर्चे फिर भी गदेरों से ढो रहे पानी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हरकत में आए जल निगम डिवीजन ने बीते शनिवार को विभाग के फीटर हुकम सिंह को पेयजल लाइन की पड़ताल और मरम्मत के लिए रत्तापानी क्षेत्र में भेजा।
इस दौरान घट्टूगाड़ स्थित पेयजल टैंक से सींसरा गदेरा स्थित प्राकृतिक जलस्रोत तक करीब पौने दो किमी. लंबी लाइन के निरीक्षण में विभागीय फीटर को पेयजल लाइन 15 स्थानों पर क्षतिग्रस्त मिली। जबकि बीते दिनों विभागीय अवर अभियंता शत्रुघ्न त्यागी ने दावा किया था कि आपदा मद से मिली धनराशि से पेयजल लाइन की मरम्मत करा दी गई थी। गौरतलब है कि वर्ष 2012-13 में यमकेश्वर प्रखंड के करीब डेढ़ सौ परिवारों की पेयजल सुविधा के लिए जल निगम कोटद्वार डिवीजन ने ग्राम पंचायत मराल के खंड ग्राम घट्टूघाड़, रत्तापानी, फूलचट्टी के लिए पेयजल योजना तैयार की गई थी, जिसके संचालन की जिम्मेदारी जल निगम कोटद्वार डिवीजन के पास है।
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वर्ष 2014 के अगस्त महीने में क्षेत्र में आई आपदा के दौरान उक्त पेयजल लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। लाइन की मरम्मत के लिए वर्ष 2015 में आपदा मद में निगम को 12 लाख की धनराशि मिली थी। विभाग का कहना है कि उक्त धनराशि पेयजल योजना की मरम्मत पर खर्च कर दी गई है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि आपदा के बाद से गांवों में जलापूर्ति नहीं हो पाई। ऐसे में ग्रामीणों को सुदूर प्राकृतिक जलस्रोतों और हेंवल नदी से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
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इन इलाकों में है पेयजल संकट
ऋषिकेश। जलापूर्ति की समस्या से फूलचट्टी, रत्तापानी और घट्टूगाड़ के लगभग डेढ़ सौ परिवार के अलावा राजकीय प्राथमिक विद्यालय रत्तापानी व घट्टूगाड़ और उच्च प्राथमिक विद्यालय घट्टूगाड़ में अध्ययनरत बच्चे जूझ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, रत्तापानी के नरेंद्र सिंह राणा, होशियार सिंह भंडारी, फूलचट्टी के मनोज सिंह नेगी, देवेंद्र नेगी, घट्टूगाड़ निवासी कलम सिंह राणा, मुकेश चौहान आदि का आरोप है कि विभाग ने धनराशि का मरम्मत पर खर्च नहीं किया, जिसकी वजह से उन्हें पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में ग्रामीण हेंवल नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
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