ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक लोनिवि ने कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर यात्री सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं। सड़क पर कई ऐसे संकरे और तंग मोड़ हैं जहां पर दुर्घटनाओं को रोकने के कोई इंतजाम नहीं हैं। नतीजतन यात्रियों को जान जोखिम में डाल सफर करना पड़ रहा है।
टूरिस्ट डेस्टीनेशन होने के कारण हर साल गर्मियों में अप्रैल-जून माह के बीच इस रोड पर पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो जाता है। दिल्ली, गुड़गांव, लुधियाना, चंडीगढ़, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर आदि इलाकों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके साथ ही सड़क को जौनसार बावर का प्रवेश द्वार भी कहते हैं। जिससे कई गांव की आबादी जुड़ी हुई है, लेकिन सड़क पर पैराफिट और क्रशवॉल का निर्माण न होने से यात्रियों को जान जोखिम में डाल कर सफर करना पड़ता है। लंबे समय से लोग इन मोड़ और सड़क के अन्य हिस्सों पर पैराफिट और क्रश वॉल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार विभागीय अधिकारी बजट की कमी बता कर पल्ला झाड़ रहे हैं। स्थानीय निवासी ज्ञान सिंह राय, बलवीर सिंह, सुभाष वर्मा, रणवीर सिंह चौहान आदि का कहना है कि सड़क किनारे पैराफिट और क्रश वॉल का निर्माण होने से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। छवाड़ी, शंभू की चौकी, खड़की ढूंग, जजरेड़, कोरूवा और सैैंज गांव के पास सबसे ज्यादा खतरा है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं
यहां सड़क की हालत खस्ता
सड़क पर जहां यात्री सुरक्षा का अभाव है। वहीं जड़वाला, जजरेट, कोरूवा, सैंज, लालपुल के पास सड़क की हालत भी बेहद खराब है। इन जगहों पर यात्रियों को हिचकोले भरा सफर करना पड़ता है। सड़क की धूल से मुसाफिरों को काफी परेशानी होती है। सड़क पर रोड़ी, बजरी पड़ी होने के कारण कई बार वाहनों के फिसलने का खतरा भी बना रहता है।
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बजट न मिलने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। बजट मिलते ही सुरक्षात्मक कार्यों को कराने के साथ ही रिफलेक्टर और सड़क की हालत भी दुरुस्त की जाएगी।
डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया