श्रीनगर। एक समुदाय विशेष के युवक द्वारा नाबालिग छात्रा को भगाने की अफवाह पर शहर में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल रहा। इस दौरान हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। शहर में अराजकता का माहौल न बने इसके लिए एएसपी वर्मा भी मौके पर पहुंचे।
शहर की एक नाबालिग छात्रा को एक समुदाय विशेष के युवक द्वारा भगाए जाने की अफवाह पर शहर में शनिवार सुबह तनाव का माहौल रहा। नाबालिग छात्रा व युवक को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार देर शाम देहरादून में पकड़ा था। इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि उक्त छात्रा को युवक श्रीनगर से भगा कर यहां लाया है, लेकिन बाद में छात्रा के परिजनों ने बताया कि छात्रा देहरादून अपने मामा के यहां गई थी। वहां बाजार में खरीददारी करने के दौरान उसकी मुलाकात उक्त युवक से हुई। युवक श्रीनगर में कपड़े की दुकान चलाता है। जानपहचान होने के कारण छात्रा व युवक में बातचीत हो रही थी। इसी दौरान कुछ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता वहां पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने छात्रा व युवक का नाम पूछा और उन्हें धारा पुलिस चौकी ले आए। कार्यकर्ताओं ने फोन पर श्रीनगर में अपने संगठन के लोगों को इस बारे में सूचित किया। इसी दौरान युवक द्वारा छात्रा को भगाने की अफवाह फैल गई। शनिवार सुबह हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। शहर का माहौल न बिगड़े, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था। एएसपी डा. हरीश वर्मा भी मौके पर पहुंचे। बाद में लड़की के मामा ने कोतवाली में आकर संगठनों के कार्यकर्ता के समक्ष स्थिति स्पष्ट की, जिससे बाद माहौल शांत हुआ। हालांकि संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप युवक के परिवार को शहर के बाहर भेजे जाने की मांग की है। डा. हरीश वर्मा, एएसपी पौड़ी का कहना है कि नाबालिग छात्रा को भगाने का कोई मामला नहीं है। स्थिति सामान्य है। दोनों पक्षों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।