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बूंद बूंद पानी को मोहताज हुए दोगी पट्टी के गांव

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
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नरेंद्रनगर प्रखंड की दोगी पट्टी के गांवों में पानी संकट और भी गहरा गया है। लोग गर्मी के शुरुआती दिनों में ही बूंद-बूंद पानी को मोहताज होने लगे हैं। गांव में पानी न आने के कारण लोगों को सुदूर पेयजल स्रोतों से जरूरत का पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्हें सुबह से शाम तक सुदूर जलस्रोतों पर लंबी कतारें लगानी पड़ रही हैं। तब कहीं जाकर ग्रामीणों को घंटों बाद एक गैलन पानी नसीब हो पा रहा है। क्षेत्र में जल निगम की ओर से ग्रामीणों की सुविधा के लिए टैंकरों की व्यवस्था भी फिलहाल नहीं की गई है।
गौरतलब है कि दोगी पट्टी के गांवों के लिए वर्ष 2004 में सूरजकुंड रानीताल पेयजल पंपिंग योजना को मंजूरी मिल चुकी है। मगर संबंधित महकमा 14 वर्ष बाद भी योजना का पानी गांवों तक नहीं पहुंचा पाया है। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो बीते वर्षों तक पेयजल निगम मुनिकीरेती डिवीजन की ओर से ग्रीष्मकाल में क्षेत्र में संकटग्रस्त गांवों को टैंकरों के जरिए पेयजल सप्लाई दी जाती थी, मगर इस साल अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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इस साल गर्मी के शुरुआती दिनों में ही दोगी पट्टी गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर गदेरों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। जल संकट से जूझ रहे इलाकों में लोयल, पावकी देवी, गुरालीधार, नाई खेतू, काकड़सैण, लोकल, डाबर, बबलाणा, बागी, बैराई गांव खेतू, सिलकणी, पजैगांव आदि गांव शामिल हैं।
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क्या कहते हैं नागरिक
सामाजिक कार्यकर्ता सरदार सिंह पुंडीर, कैलास रयाल, कान सिंह रावत ने बताया कि बीते वर्षों में जल निगम ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराता था, मगर इस बार निगम की ओर से फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिला पंचायत सदस्य सुमन पुंडीर ने बताया कि करीब माहभर पहले पावकीदेवी में आयोजित हुए जनता दरबार में जल निगम मुनिकीरेती डिवीजन से गर्मी के दिनों में पेयजल संकट के चलते क्षेत्र में टैंकरों से जलापूर्ति की मांग उठाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी टिहरी के समक्ष 10 अप्रैल से पूर्व टैंकरों से पेयजल आपूर्ति का भरोसा दिया था, मगर एक पखवाड़े बाद भी उक्त व्यवस्था सुचारु नहीं की गई है।
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