कर्णप्रयाग। डिम्मर के श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर में 16 दिनों के प्रवास के बाद शुक्रवार को गाड़ू घड़ा यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना हुई। ग्रामीणों ने भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण और गाड़ू घड़ा की भव्य पूजा की और भोग लगाया। यात्रा रात्रि प्रवास के लिए देर शाम जोशीमठ नृसिंह मंदिर पहुंची।
गाड़ू घड़ा यात्रा सात अप्रैल को टिहरी के राजदरबार नरेंद्रनगर से रवाना हुई थी। ऋषिकेश और श्रीनगर होते हुए 11 अप्रैल को यात्रा डिम्मर गांव के श्रीलक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंची। यहां डिमरी पुजारियों ने 16 दिनों तक मंदिर में भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण और गाड़ू घड़ा की पूूजा की। शुक्रवार सुबह पुजारियों ने पारंपरिक पूजा के बाद भगवान को भोग लगाया। इसके बाद गाड़ू घड़ा यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना हो गई। यात्रा न्यू डिम्मर और टटेश्वर होते हुए सिमली पहुंची। इसके बाद पाडली, कर्णप्रयाग, लंगासू, सोनला, नंदप्रयाग पहुंचने पर लोगों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। देर शाम यात्रा जोशीमठ नृसिंह पहुंची। डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष राकेश कुमार डिमरी ने बताया कि यात्रा 28 को पांडुकेश्वर और 29 अप्रैल देर शाम बदरीनाधाम पहुंचेगी। इस दौरान डिम्मर उमट्टा पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, रविग्राम पाखी पंचायत के अध्यक्ष ज्योतिष डिमरी, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद, नरेश डिमरी, अनुज डिमरी, पंकज डिमरी और शिव प्रसाद आदि मौजूद थे।