ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
तीर्थक्षेत्र मुनिकीरेती में जन स्वास्थ्य भगवान भरोसे है। क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन यात्रा शुरू हो चुकी है। लिहाजा यहां हर रोज हजारों सैलानी उमड़ रहे हैं। यहां सैलानियों को विभिन्न स्थानों पर परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच पड़ताल करने वाले नदारद हैं। ऐसे में गर्मी के दिनों में निमभन गुणवत्ता के खाद्य पदार्थों से जन स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
मुनिकीरेती टैक्सी स्टैंड पर स्थापित शौचालय के आसपास कई ठेलियों में यात्रियों को खुले में खाद्य सामग्री परोसी जा रही है। यही स्थिति क्षेत्र में मुनिकीरेती कुंभ मेला बस पार्किंग से तपोवन तक कई स्थानों पर देखी जा सकती है। स्थानीय लोगों की मानें तो ग्रीष्मकाल के साथ ही पर्यटक व तीर्थ क्षेत्र में देसी-विदेशी सैलानियों की आमद बढ़ गई है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र भंडारी, राकेश चौहान, हिमांश आदि ने बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर पर्यटकों को खुले में खाद्य सामग्री बेची जा रही है, मगर उनकी गुणवत्ता व स्वच्छता की देखरेख नहीं की जा रही है।
कोट्स
क्षेत्र में मोबाइल खाद्य सामग्री बेचने वालों के लाइसेंस व स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जाएगा। गंदगी के आसपास और खुले में खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ जल्द अभियान शुरू होगा। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- पीसी जोशी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मुनिकीरेती, टिहरी।