ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं होने के कारण मरीजों को मेडिकल स्टोर संचालकों की मनमानी को शिकार होना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन का तर्क है कि मेडिकल स्टोर संचालक बाजार मूल्य पर भी एंटी रेबीज इंजेक्शन सप्लाई करने को तैयार नहीं हैं।
एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में प्रतिमाह औसतन 200 मरीज कुत्ते के काटने के पहुंचते हैं। फिलवक्त एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में पहुंचने वाले मरीजों को सरकारी सप्लाई वाले एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में करीब एक पखवाड़े से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं है। इसके चलते कुत्ता काटने के मरीजों को बाजार से एंटी रेबीज इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। मरीजों के अनुसार मेडिकल स्टोर संचालक मनमाने दामों पर इंजेक्शन बेच रहे हैं।
चीफ फार्मासिस्ट एडीएस नेगी के मुताबिक एंटी रेबीज इंजेक्शन की खरीद स्वास्थ्य महानिदेशक स्तर से की जाती रही है। स्टॉक नहीं मिलने के चलते जिलाधिकारी के माध्यम से अस्पताल प्रशासन ने स्टॉक खरीदने की अनुमति ली थी। इसके तहत 150 एंटी रेबीज इंजेक्शन की डिमांड दी गई, लेकिन वह सिर्फ 100 इंजेक्शन ही उपलब्ध करा सका और सभी इंजेक्शन दो सप्ताह में ही खत्म हो गए। वहीं अब विक्रेता ने भी बाजार मूल्य पर एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। लिहाजा परेशानी हो रही है। सीएमएस डॉ. एनएस तोमर ने बताया कि इंजेक्शन खरीद के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।