श्रीनगर। प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत का कहना है कि उनके विधानसभा क्षेत्र (श्रीनगर) में मात्र सात गांवों में सड़क सुविधा नहीं है। इन गांवों को साल 2018 के अंत तक सड़क से जोड़ दिया जाएगा। वहीं, वह अपनी विधायक निधि का पैसा खंडिजा मार्ग निर्माण के बजाय स्कूलों में फर्नीचर और संसाधनों की व्यवस्था करने में देंगे।
बुधवार को राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने अपने विधान सभा क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय बुदेसू और प्राथमिक विद्यालय कोठगी में चटाई मुक्त अभियान के तहत फर्नीचर वितरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य 14 हजार स्कूली बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराना है। अब तक 4300 बच्चों को फर्नीचर मिल चुका है। विधायक निधि सहित ओएनजीसी व अन्य संस्थाओं की मदद से फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि वह प्रत्येक गांव में जाकर तीन शपथ दिला रहे हैं। पहली प्रत्येक सप्ताह सफाई अभियान चलाएं, गांव के प्रत्येक व्यक्ति को साक्षर बनाएं और गांव को नशामुक्त बनाएं। किसी गांव के नशामुक्त होने पर विधायक निधि से एक लाख रुपये दिए जाएंगे। इसका प्रमाण पत्र एसडीएम और बीडीओ देंगे।
उन्होंने बताया कि चटाईमुक्त अभियान के लिए पहल संस्था ने 100 बच्चों को फर्नीचर दिया है।
इसके बाद धन सिंह ने वाल्मीकि मंदिर श्रीनगर में विधायक निधि से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण और स्वीत में 82.37 लाख रुपये की लिफ्ट सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। इस मौके पर क्षेत्रीय जनता ने उनको चांदी का मुकुट भेंट किया। श्रीनगर में वाल्मीकि समाज ने मंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर विवेक बंसल, जितेंद्र रावत, हयात सिंह झिंक्वाण, राजेंद्र बिष्ट, अनूप बहुगुणा व नितिन घिल्डियाल आदि मौजूद थे।