ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
नरेंद्रनगर प्रखंड की दोगी पट्टी के गांवों में गर्मी के शुरुआती दिनों में ही पेयजल संकट गहरा गया है। लोगों को सुदूर पेयजल स्रोतों से जरूरत का पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। क्षेत्र में जल निगम की ओर से ग्रामीणों की सुविधा के लिए टैंकरों की व्यवस्था भी फिलहाल नहीं की गई है। यह स्थिति तब है जबकि इस क्षेत्र के लिए वर्षों पूर्व करोड़ों की पेयजल योजना स्वीकृत हो चुकी है, मगर जल निगम अभी तक गांवों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। अभी गर्मी के शुरुआती दिन हैं, मगर दोगी पट्टी के कई गांवों में अभी से नजदीकी जलस्रोत सूखने लगे हैं, लिहाजा लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर गदेरे से खड़ी चढ़ाई चढ़कर पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है।
काकड़सैण, लोकल, डाबर, बबलाणा, बागी, नाई खेती, बैराईगांव खेतु, सिलकणी, पजैगांव आदि गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी को मोहताज हैं। उनके सामने मई और जून माह में भीषण गर्मी पड़ने की स्थिति में अवशेष जलस्रोतों के सूखने की स्थिति में जल की उपलब्धता की चिंता अभी से सताने लगी है। जिला पंचायत सदस्य सुमन पुंडीर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरदार सिंह पुंडीर ने बताया कि बीते वर्षों में जल निगम ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराता था, मगर इस बार निगम की ओर से फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि वह एक महीने पहले जनता दरबार में जल निगम से ग्रीष्मकाल में क्षेत्र में टैंकर लगाने की मांग उठा चुके हैं। निगम की ओर से उन्हें बीते 10 अप्रैल से पूर्व टैंकरों से जलापूर्ति की बात कही गई थी, मगर उक्त व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। उन्होंने निगम से पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों को टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि जल्द वैकल्पिक जलापूर्ति व्यवस्था नहीं की गई तो ग्रामीण लामबंद होकर जल निगम के खिलाफ आंदोलन करेंगे।