ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
बुल्हाड़ गांव में आयोजित बिस्सू महोत्सव में लोक संस्कृति की धूम रही। लोगों ने जौनसारी संस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरी। लोगों ने महासू देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
ढोल-दमाऊ की थाप पर महिला और पुरुषों ने सामूहिक नृत्य किया। घरों में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए गए। लोक गीतों पर ठोऊड़ा नृत्य किया। मंदिर समिति की ओर से भंडारे का भी आयोजन किया गया। मेले में ठारठा, कुनवा, उटेड़ा, पिंगुवा, नेहरा, कावा, गोरछा, कांडोई, रजाणू समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों ने प्रतिभाग किया। देर शाम तक पंचायत आंगन में लोक संस्कृति के रंग देखने को मिले। लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया। इस मौके पर मंदिर समिति बुल्हाड़ के अध्यक्ष प्रताप सिंह रावत, संरक्षक रतन सिंह रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल रावत, केशव पंडित, केसी पांडेय, संतराम चौहान, श्रीचंद, भरत सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
500 युवाओं ने दिया ऑडिशन
बिस्सू महोत्सव के दौरान दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले टैलेंट हंट शो ‘आवाज सुनो पहाड़ो की’ के लिए ऑडिशन भी लिए गए। जिसमें 500 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया। शो शारदा संगम के बैनर तले प्रसारित होता है। शारदा संगम के संरक्षक केसी पंत ने बताया कि यह पहला मौका है जब दूरदर्शन गांव-गांव जाकर ऑडिशन ले रहा है। इस मौके पर विजय रावत, पिंकू रावत, चंदन रावत, राजेंद्र रावत, भगत सिंह रावत, साधू रावत, अरविंद रावत, मोहन रावत आदि मौजूद रहे।