श्रीनगर। तीन सूत्री मांगों के लिए आंदोलित प्रगतिशील जन मंच ने एसडीम कोर्ट से मिले शांतिभंग के नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मुचलके भरने से इनकार कर गिरफ्तारी देने का निर्णय लिया है।
एनआइटी के स्थाई परिसर निर्माण, श्रीनगर, पौड़ी व आस पास के क्षेत्रों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने सहित संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की तैनाती की मांग के लिए प्रजम का धरना बुधवार को 307 वें दिन भी जारी रहा। प्रजम के आंदोलन से जुड़े 12 लोगों को एसडीएम कोर्ट से शांतिभंग के नोटिस मिले है, जिसमें 19 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। इस पर प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि 12 लोगों के अलावा अन्य आंदोलनकारी भी आज एसडीएम कोर्ट में अपनी गिरफ्तारी देंगे। कहना है कि वह प्रजातांत्रिक ढंग से जनहित के मुद्दों उठा रहे है, लेकिन स्थानीय प्रशासन दबाव में आकर एक तरफा आंदोलन को कुचलने का षड्यंत्र रच रहा है। प्रजम ने अब आंदोलन को गति देने के लिए पहली मई को आम बैठक बुलाई है। इसके तहत स्थानीय बाजार के साथ ही शिक्षण संस्थाओं को बंद करवाए जाने का निर्णय लिया जाएगा। वहीं, आंदोलनकारियों को जारी शांतिभंग के नोटिस पर भाकपा (माले) के राज्य कमेटी सदस्य इंद्रेश मैखुरी ने इसे लोकतांत्रिक व द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताया। कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के एक माह बाद आंदोलनकारियों को नोटिस भेजना बदले की भावना है। इस मौके पर जेपी पुरी, सुधाकर भट्ट, राजेंद्र कुमार, लक्ष्मी गुप्ता, सुनील बहुगुणा, देवेंद्र राणा, जगमोहन बिष्ट, गणेश कुकरेती, बुद्धिबल्लभ, शकुंतला, गिन्नी देवी, सदानंद पुरी, अतुल सती आदि मौजूद थे।