गोपेश्वर। केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर अब भारतीय वन्य जीव संस्थान पल-पल की नजर रखेगा। धाम के लिए उड़ान भरने वाले सभी हेलीकॉप्टर 600 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे। इससे नीचे उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग कार्रवाई करेगा। हेलीकॉप्टर की उड़ान पर नजर रखने के लिए केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से केदारनाथ यात्रा पथ पर लिनचोली और भीमबली में मॉनीटरिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं।
अमर उजाला ने केदारघाटी में हेलीकाप्टरों की नीची उड़ान से वन्य जीवों और वनस्पति को हो रहे नुकसान के प्रति सरकार का बार-बार ध्यान दिलाया। 2 अगस्त, 2015 के अंक में ‘हेलीकॉप्टरों ने छीना जानवरों का चैन’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। अब भारतीय वन्य जीव संस्थान ने केदारनाथ सेंचुरी एरिया में हेलीकॉप्टर संचालन पर नजर रखनी शुरू कर दी है। केदारनाथ यात्रा पथ पर लिनचौली और भीमबली में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से हेलीकॉप्टर मॉनीटरिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। स्टेशन में दो-दो कर्मचारी रहेंगे, जो दिनभर केदारनाथ के लिए उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर की जमीन से ऊंचाई की नाप को लेजर डेस्टोमीटर की मदद से रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के उप वन संरक्षक अमित कंवर ने बताया कि हेलीकॉप्टर की ऊंची उड़ान से केदारघाटी में इको सिस्टम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा था। यहां रहने वाले वन्यजीवों पर भी हेलीकॉप्टर के शोर से बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसे देखते हुए भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की ओर से हेलीकॉप्टर की उड़ान की ऊंचाई 600 मीटर निर्धारित की गई है। इससे नीचे उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर कंपनियों की रिपोर्ट संस्थान को सौंपी जाएगी।