श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर की ज्यूंदी-सेरा, नौर, जाखणी आदि बस्तियों की अब अलकनंदा नदी के कटाव से सुरक्षा हो सकेगी। इन स्थानों के लिए लगभग 16 करोड़ की लागत से बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण होगा। हालांकि अभी देवली और घिल्ड़ियालगांव के निवासियों को सुरक्षा दीवार के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
जून 2013 में आई केदारनाथ आपदा में अलकनंदा नदी ने श्रीनगर और कीर्तिनगर के गांवों में व्यापक भू-कटाव किया था। कीर्तिनगर की दिशा में कृषि भूमि भी बाढ़ में बह गई थी। आपदा के बाद स्थानीय निवासी अलकनंदा नदी के कटाव से जमीन व बस्तियों की सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण की मांग करते आ रहे थे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने 4 जून 2017 को जाखणी के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण की घोषणा की थी। प्रदेश सरकार ने इसी अप्रैल माह में उक्त घोषणा सहित ज्यूंदी सेरा के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण की मंजूरी दे दी है। सिंचाई खंड कीर्तिनगर के अवर अभियंता हेमंत पठोई ने बताया कि जाखणी में 8 करोड़ 65 लाख 23 हजार रुपये और ज्यूंदी सेरा में 7 करोड़ 47 लाख रुपये से बाढ़ सुरक्षा कार्य होंगे। देवली और घिल्ड़ियालगांव में बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण का पुनरीक्षित आगणन भेजा गया है। क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी ने बताया कि गत 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने दोनों योजनाओं का शिलान्यास किया है। इनके लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। जल्दी सारी औैपचारिकता पूर्ण होने के बाद काम शुरू हो जाएगा।