ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी/त्यूनी।
जौनसार बावर के प्रसिद्ध पर्व बिस्सू का शनिवार को फूलियात के साथ आगाज हो गया। पहले दिन फूलियात पर घर के मुखिया जंगलों से बुरांश के फूल लाए और परिवार समेत मंदिरों में देवताओं को फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिरों में लोगों की लंबी कतारें लगी रही। लोगों ने पंचायत घरों में एकत्र होकर सामूहिक लोक नृत्य किया और एक-दूसरे को बिस्सू पर्व की बधाई दी। पांच दिन तक चलने वाले इस पर्व पर पूरे जौनसार में विभिन्न आयोजन किए जाएंगे।
शनिवार को बिस्सू पर्व के आगाज पर पूरे जौनसार बावर में उल्लास का माहौल रहा। महासू देवता मंदिर, भजरा पंचरा, थैना के अलावा शिलगूर बिजट देवता मंदिर, कनबुआ, पंजिया, सिमोग व अलसी में महेश देवता मंदिरों में सुबह से ही लोगों की भीड़ एकत्र होना शुरू हो गई। लोगों ने देवताओं को बुरांश के फूल अर्पित कर खुशहाली की प्रार्थना की। संवाई, बजोऊ, पानुवा, डामटा, बम्बराड, माख्टी, रताड, मसराड, ललोऊ, बसाया, मरलोऊ, लोरली, हनोल, सिमोग, डिमऊ, थैना, कनबुआ, भंजरा, गलेबा आदि गांवों में फूलियात की धूम रही। लोगों ने पंचायत घरों में सामूहिक नृत्य का एक-दूसरे का पर्व की बधाई दी।
पारंपरिक अंदाज में खेला ठोउड़ा
बिस्सू पर्व के पहले दिन कई गांवों में पारंपरिक अंदाज में ठोउड़ा तीरंदाजी खेला गया। इसके बाद जुड्डो नृत्य किया गया। इस दौरान लोगों ने घरों में कई प्रकार के व्यंजन बनाए गए। लोगों ने चावल के आटे के पापड़ और हलुआ-पूड़ी समेत कई पकवानों का लुत्फ उठाया।
बुरांश के फूलों से घरों को सजाया
बिस्सू पर्व में बुरांश के फूलों का खासा महत्व होता है। जौनसार बावर के पूरे इलाके में लोगों ने अपने घरों को बुरांश से सजाया गया हैं। अगले पांच दिनों तक पूरे जौनसार बावर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
खुरूड़ी में मेला आज से
लोक संस्कृति पर आधारित खुरूड़ी पौराणिक बिस्सू मेला और खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन आज (रविवार) से शुरू होगा। विकासशील युवा समिति खत विशायल के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि मेला तीन दिनों तक चलेगा। जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। साथ विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। तीनों दिन बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अन्य लोग प्रतिभाग करेंगे।
पालकी के किए दर्शन
बिस्सू पर्व पर कनबुुआ, समोग, डिमऊ, बमराड़ में जहां शिलगुर देवता की पालकी निकाली गई, वहीं संवाई में महासू देवता की पालकी को कंधा देने के लिए लोग आतुर दिखे। अलसी, भंजरा, जिसऊ घराना, कोटी विशाइल, कोरुवा, हयो में देव छड़ी के दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। इससे पहले सभी स्थानों पर देव पालकी और छड़ी को देव स्त्रोतों में स्नान कराया गया।
नागथात क्षेत्र में बिस्सू पर्व धूम
नागथात। जौनसार बावर के नागथामत क्षेत्र में शनिवार को फूलियात की धूम रही। क्षेत्र के लाच्छा, बिसोई, धनपोऊ, उभऊ, लखवाड समेत कई गांवों में फूलियात मनाया गया। लोगों ने जंगलों से बुरांश के फूल लाकर मंदिरों में पूजा-अर्चना की। लोगों ने एक-दूसरे के घर जाकर पापड़ और अन्य कई प्रकार के व्यंजन खाकर एक दूसरे को पर्व की बधाई दी। पंचायती आंगन में ढोल दमाऊ की थाप पर जैंता, रासो, हारूल, तादीं गीत गाकर लोगों ने खूब नृत्य किया। रविवार को नादरा बिस्सू, 16 को बिस्सू मेला, 17 को गानियात पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान सिमोग के वजीर कुंवर सिंह, पुजारी विक्रम शर्मा, भंडारी साधूराम, नारायण दत्त, कुंदन सिंह, डिमऊ मंदिर समिति वजीर रणवीर चौहान, भंडारी सीताराम चौहान, पुजारी ठेनिया शर्मा, शांति शर्मा, कोषाध्यक्ष सियाराम चौधरी, गुड्डू रावत आदि मौजूद रहे।