श्रीनगर। परिवहन विभाग 16 अप्रैल से स्कूल बसों का चेकिंग अभियान चलाएगा। अभियान के तहत बसों की स्थिति व चालकों की उम्र के साथ मानकों को गंभीरता से देखा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मानकों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शहर व आसपास क्षेत्र में करीब एक दर्जन से अधिक निजी स्कूलों की 50 से अधिक स्कूल बसें संचालित हो रही हैं। अधिकांश स्कूली बसों में क्षमता से 3 गुना अधिक छात्रों को ढोया जा रहा है। कुछ स्कूल बसों पर पीला रंग तक नहीं लगाया है। जबकि किसी भी बस में छोटे बच्चों को चढ़ाने व उतारने के लिए कर्मचारी तक नियुक्त नहीं किया गया है। कई बार स्कूल बसें दुर्घटनाग्रस्त भी हुई हैं। बावजूद न तो स्कूल संचालक और ना ही प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बसों में मानकों का पालन न किए जाने के संबंध में कई बार पुलिस व तहसील प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। एआरटीओ पौड़ी द्वारिका प्रसाद ने बताया कि विभाग 16 अप्रैल से स्कूल बसों का चेकिंग अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान के दौरान बसों की स्थिति, चालकों की उम्र व मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।