श्रीनगर। राजकीय शिक्षक संघ ने कोटिकरण में अनियमितता, अवशेष धन राशि का भुगतान व पदोन्नति सहित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान न होने पर आक्रोश जताया है। संगठन ने विद्यालयों के कोटिकरण में अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया है।
राजकीय शिक्षक संघ के मंडलीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह राणा व मंडलीय मंत्री शिव सिंह नेगी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि विद्यालयों से कोटिकरण प्रपत्र भरकर भेजे गए थे, लेकिन अधिकारी स्तर पर इन विद्यालयों को मनमाने अंक दिए जाने से विद्यालयों की श्रेणियों में परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे वर्षों से दुर्गम विद्यालयों में सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ अन्याय होने की संभावना बढ़ गई है। मंडलीय मंत्री शिव सिंह नेगी ने मांग की है कि सुगम दुर्गम निर्धारण के लिए जो समिति गठित की गई है उसमें संगठन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। ताकि सुगम दुर्गम का सही निर्धारण हो सके। कहा कि शासन की ओर से कोटिकरण की मात्र दो श्रेणियां निर्धारित की गई है, जिससे कोटिकरण का सही मूल्यांकन किया जाना संभव नही है। सुझाव दिया कि शिक्षकों को कोटिकरण का सही लाभ दिए जाने व उसकी व्यवहारिकता के लिए इसे छह श्रेणियों में बांटा जाना चाहिए। संगठन ने प्रवक्ता पदोन्नति सूची और कांउसिलिंग तिथि निर्धारित न किए जाने पर भी आक्रोश जताया। संगठन ने शिक्षकों को वेतन भत्ते और अवशेष धनराशि का भुगतान किए जाने की भी मांग की है।