श्रीनगर। विभाग की आंकड़ेबाजी ग्राम पंचायत नकोट, धनचड़ा, बेलकंडी, दिगोली व कांडी आदि के ग्रामीणों पर भारी पड़ सकती है। जल संस्थान की ओर से निर्माणाधीन 93.10 लाख की लागत की पेयजल योजना को मात्र ग्यारह सौ अस्सी की आबादी के लिए डिजाइन किया गया है। जबकि वर्तमान में उक्त क्षेत्रों की आबादी करीब पांच हजार से अधिक तक पहुंच चुकी है।
विकास खंड कोट के नकोट सहित चार गांवों के ग्रामीण वर्षों से पेयजल समस्या से जूझ रहे है। गांवों के लिए 20 वर्ष पूर्व बनी पेयजल योजना जर्जर होने से ग्रामीण अलकनंदा नदी व हैंडपंपों से प्यास बुझाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की मांग पर जल संस्थान की ओर से उक्त गांवों के लिए वर्ष 2016-17 में जिला योजना से जो पेयजल योजना स्वीकृत करवाई गई उससे भी ग्रामीणों की प्यास बुझने वाली नहीं है। क्योंकि योजना ग्यारह सौ अस्सी की आबादी को लेकर 2039 तक के लिए डिजायन की गई है। जिस पर कि करीब 28 लाख का निर्माण कार्य भी हो चुका है। जबकि वर्तमान में उक्त गांवों की जनसंख्या करीब पांच हजार से अधिक का आंकड़ा पार कर चुकी है। स्थानीय निवासी उम्मेद सिंह मेहरा ने कहा कि नकोट अलकनंदा नदी के तट से सटा है। ऐसे में कम बजट पर गांव के लिए लिफ्ट योजना तैयार की जा सकती थी। कहा कि गांव से नगर का रूप ले रहे नकोट में तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है। योजना 2011 की जनगणना के अनुसार ही ग्यारह सौ अस्सी की आबादी के लिए डिजाइन की गई है। जिसको वर्ष 2019 तक पूरा होना है। जैसे-जैसे बजट मिलता रहेगा निर्माण किया जाएगा। सतेंद्रपाल सिंह सहायक अभियंता गढ़वाल जल संस्थान पौड़ी।