ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को नगर निगम सभागार में ऋषिकेश में नमामि गंगे परियोजना के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान आरक्षित वन क्षेत्र में कार्य कराने की बात सामने आने पर वह भड़क गए। निशंक ने अधिकारियों को सभी प्रोजेक्ट छह माह के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि केंद्र सरकार ने नमामि गंगे परियोजना की धनराशि गंगा के संरक्षण और संवर्धन के लिए दिया है। इससे मोक्षदायिनी में गिरने वाले नालों की टेपिंग के साथ ही उनका ट्रीटमेंट किया जाना है। इसके अलावा घाटों का निर्माण और गंगा किनारे पौधरोपण होना है। इस दौरान उन्होंने नरेंद्रनगर के डीएफओ राहुल को परियोजना के माध्यम से कराए गए कार्यों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य कार्यों में देरी पर परियोजना निदेशक डॉ. राघव लंगर को फटकार लगाई और छह माह के भीतर कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा ऋषिकेश क्षेत्र में साफ-सफाई के इंतजामों को मुकम्मल रखने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को भी निर्देशित किया। समीक्षा बैठक में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता दिनेश चंद्रा, पेयजल निगम के जीएम केके रस्तोगी, निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा के अधिशासी अभियंता संदीप कश्यप, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बलराम मिश्रा, एसडीएम हर गिरि, अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार यादव, आरके जैन, यूके गोयल आदि मौजूद रहे।