श्रीनगर। होटल का चालान करने पर पालिका प्रशासन व होटल स्वामी आमने समाने आ गए हैं। होटल स्वामी ने वकील के माध्यम से पालिका को नोटिस भेज चालान की धनराशि वापस किए जाने की मांग की है। जबकि पालिका का कहना है कि उक्त होटल स्वामी ने चालान की धनराशि का भुगतान किया ही नहीं है।
7 अप्रैल को पालिका व तहसील प्रशासन की टीम ने देवप्रयाग शहर क्षेत्र में उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम के तहत निरीक्षण अभियान चलाया, जिसके तहत निरीक्षण टीम में बस अड्डे पर स्थित संगम होटल का चालान किया गया। पालिका के अधिशासी अधिकारी बीएस बिष्ट ने बताया कि होटल का सीवर व गंदगी पालिका की नाली में बहाया जा रहा था। साथ ही प्लास्टिक का प्रयोग भी किया जा रहा था। जिस पर होटल स्वामी का नियमानुसार 5 हजार का चालान किया है। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि उक्त होटल स्वामी ने चालान का अभी तक भुगतान नहीं है। वहीं दूसरी ओर होटल स्वामी पन्ना लाल ने अपने वकील के माध्यम से पालिका को नोटिस भेज चालान की धनराशि वापस किए जाने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि पालिका ने जबरन चालान की कार्रवाई की है, जिस नाली में गंदगी की बात की बात की जा रही है, वह पालिका की नाली है। पन्ना लाल ने कहा कि उक्त नाली की सफाई के लिए वह कई बार पालिका से कह चुका था, लेकिन सफाई नहीं कराई गई। होटल स्वामी ने नोटिस के माध्यम से पालिका को चेतावनी दी है कि यदि चालान की धनराशि वापस नहीं की गई तो वह पालिका के खिलाफ जबरन वसूली व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराएगा। वहीं पालिका अपनी कार्रवाई पर कायम बनी हुई है।