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सरकार ने पेमेंट नहीं की तो स्कूल प्रबंधन ने दाखिले रद्द करने की दी चेतावनी

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश।
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निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत एक निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से फीस वसूलने का मामला प्रकाश में आया है। विद्यालय प्रबंधन ने आरटीई के तहत अध्ययनरत गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों के अभिभावकों को 15 अप्रैल तक भारी भरकम शुल्क जमा नहीं करने पर छात्र-छात्राओं के दाखिले रद्द करने की चेतावनी दी है। गौहरीमाफी स्थित मां आनंदमयी मेमोरियल स्कूल की ओर से विद्यालय में आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को साढ़े पांच हजार रुपये से अधिक फीस जमा कराने के लिए नोटिस थमा दिए गए हैं।
मामले में स्कूल प्रशासन की ओर से कार्रवाई के भय से कोई भी अभिभावक सामने नहीं आने को तैयार नहीं हैं, मगर उन्होंने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनके बच्चों को आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त है, जिस नियम का शिक्षण संस्थान उल्लंघन कर रहा है। वहीं, स्कूल प्रशासन का कहना है कि आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों पर होने वाले खर्च का बीते तीन साल से सरकार की ओर से कोई भुगतान नहीं किया गया है। कहा कि यदि 15 अप्रैल तक आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों की फीस जमा नहीं की गई तो स्कूल से ऐसे बच्चों के नाम काट दिए जाएंगे। वहीं, सरकार की लापरवाही के कारण आरटीई के तहत पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षा से वंचित होने का भय सताने लगा है।
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जल्द हो जाएगी पेमेंट
आरटीई के तहत अध्ययरत बच्चों को स्कूल से नहीं निकाला जा सकता है। विभाग को शुल्क के तौर पर शासन से धनराशि मिल चुकी है। संबंधित स्कूल को आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों का पेमेंट जल्द करा दी जाएगी।
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- हेमलता भट्ट, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा, देहरादून।

सरकार ने पिछले तीन साल से विद्यालय में आरटीई तहत पढ़ने वाले बच्चों की 18 लाख से ज्यादा की पेमेंट नहीं की है। स्कूल प्रशासन के सामने आरटीई के तहत पढ़ने वाले बच्चों का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। अभी तक किसी भी बच्चे को स्कूल से नहीं निकाला गया है। मगर यदि अभिभावक फीस जमा नहीं करते हैं और सरकार भी अवशेष धनराशि का भुगतान नहीं करती है तो उन्हें अपने बच्चों को अन्य स्कूल में दाखिला कराना पड़ेगा।
- बीएम शर्मा, प्रधानाचार्य, मां आनंदमयी मेमोरियल स्कूल।
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