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मंजूरी के बाद भी नहीं बनी तीन गांवों की सड़कें

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ब्यूरो/अमर उजाला,ऋषिकेश।
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शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीन सड़कों के नव निर्माण के लिए सरकार एक साल पूर्व करीब सात करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है। बावजूद इसके लोक निर्माण विभाग अभी तक इन सड़कों पर कार्य ही शुरू नहीं कर पाया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों परेशान हैं। दुपहिया सवार रोजाना सड़क पर पड़े गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। राज्य सरकार ने लोक निर्माण विभाग के अस्थायी खंड ऋषिकेश के प्रस्ताव पर बीते वर्ष जुलाई-2017 में बापूग्राम, गुमानीवाला और प्रतीतनगर में करीब 10 किलोमीटर सीसी व हॉटमिक्स मार्गों के नव निर्माण की वित्तीय स्वीकृति दी थी। सड़कों के लिए सात करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई, लेकिन विभाग एक वर्ष से मार्गों को लेकर टेंडर प्रक्रिया से बाहर नहीं निकल पाया है।
संबंधित ग्रामीण क्षेत्र के विभाग की लापरवाही से आवागमन में दुश्वारियां पेश आ रही हैं। वह गड्ढों भरी सड़क से वाहनों में हिचकोले खाते हुए गुजरने को मजबूर हैं। स्थानीय लोग कई बार सड़कों के नव निर्माण का कार्य शुरू कराने की मांग कर चुके हैं, मगर अभी तक पीडब्ल्यूडी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। अधिशासी अभियंता बलराम मिश्रा का कहना है कि अप्रैल माह के बाद तीनों सड़कों पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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गौहरीमाफी में भी नहीं बनी सड़क
प्रदेश सरकार ने लोनिवि के प्रस्ताव पर गौहरीमाफी में लगभग तीन किलोमीटर सीसी मार्ग नवनिर्माण के लिए एक करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। मगर विभागीय सुस्त कार्यप्रणाली से गौहरीमाफी में भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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इन सड़कों पर नहीं हुआ काम शुरू
1. बापूग्राम- 2 किमी. सीसी- 95 लाख रुपये लागत।
2. गुमानीवाला- ढाई किमी सीसी- एक करोड़ 15 लाख रुपये लागत।
3. प्रतीतनगर- 5 किमी. बीएमएचडीबीसी- चार करोड़ 95 लाख रुपये लागत।

क्या कहते हैं अधिकारी
स्वीकृत सड़कों के नवनिर्माण के लिए सरकार से वित्तीय स्वीकृति मिली है। टेंडर और बांड प्रक्रिया के चलते निर्माण कार्य शुरू कराने में देरी हुई है। अप्रैल माह के बाद सभी सड़कों के नवनिर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- बलराम मिश्रा, अधिशासी अभियंता, लोनिवि अस्थायी खंड, ऋषिकेश।
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