गोपेश्वर। नए शिक्षण सत्र (2018-19) से राज्य में संचालित 56 राजकीय महाविद्यालय श्रीदेव सुमन विवि के अधीन रहेंगे। अभी तक ये महाविद्यालय गढ़वाल केंद्रीय विवि के अधीन थे। गोपेश्वर लोनिवि के निरीक्षण भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति प्रो. यूएस रावत ने भविष्य में चमोली जिले में स्थित जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान का संचालन भी विवि की ओर से करने के संकेत दिए। कहा कि विवि कैंपस में उच्च हिमालय क्षेत्रों की जड़ी-बूटी पर शोध कार्य भी होंगे। लिहाजा जड़ी-बूटी शोध संस्थान के वैज्ञानिक और विवि कैंपस के शोधार्थी आपसी सामंजस्य बनाकर काम करेंगे।
श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति प्रो. यूएस रावत ने कहा कि रुसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत विश्वविद्यालय के गोपेश्वर कैंपस में इंफ्रास्ट्रक्चर, हॉस्टल और लाइब्रेरी के लिए 20 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसका प्रपोजल तैयार कर लिया गया है। महाविद्यालय के भवनों की मरम्मत के लिए तत्काल चार करोड़ रुपये महाविद्यालय प्रशासन को मुहैया कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विवि के अधीन होने के बाद कालेजों में लाइब्रेरी की स्थिति सुधारी जाएगी। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. हेमंत बिष्ट ने कहा कि आगामी शिक्षण सत्र से विवि से संबद्ध सभी महाविद्यालयों में सेमेस्टर सिस्टम से पठन-पाठन होगा। छात्रों को परीक्षाफल भी समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर डा. बीसी शाह, डा. अरविंद अवस्थी, डा. दर्शन सिंह नेगी, डा. दिनेश सती, जोशीमठ के ब्लॉक प्रमुख प्रकाश रावत, छात्र संघ अध्यक्ष सुधीर बिष्ट आदि मौजूद थे।