ब्यूरो/अमर उजाला/सेलाकुई।
प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के बाद सरकार अब निजी स्कूलों में शिक्षकों का शोषण करने वालोें पर शिकंजा कसेंगी। इसके अलावा सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। यह घोषणा शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने की है।
शुक्रवार को शिक्षा मंत्री ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने छात्रों को स्कूल बैग भी वितरित किए। छात्रों ने शिक्षा मंत्री के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करना प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के इस कदम से गरीब के बच्चे भी वही पाठ्यक्रम पढ़ेंगे जो अमीर के पढ़ते हैं। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के चलते शिक्षा का बाजारीकरण हो चुका है लेकिन सरकार के इस निर्णय से अब सबको सामान शिक्षा मिल सकेगी। सरकार के इस निर्णय से राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। यदि कोई स्कूल संचालक अभिभावक पर जबरन प्राइवेट पब्लिशर की किताबें खरीदने का दबाव बनाता है तो इसकी शिकायत सीधे उनसे की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों में सरकारी स्कूल के प्रति उत्साह नहीं है यह चिंता का विषय है। अभिभावकों का ध्यान सरकारी स्कूल की ओर हो सके, इसके लिए स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्राइवेट स्कूलों में टीचरों के शोषण के खिलाफ भी कदम उठाया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने की।
इस मौके पर मुख्य शिक्षाधिकारी एसपी जोशी, जिला शिक्षाधिकारी हेमलता भट्ट, खंड शिक्षाधिकारी पंकज शर्मा, उप शिक्षाधिकारी आकांक्षा राठौर, प्रधानाचार्य सोमपाल, सुखदेव फरस्वाण, अनिल नौटियाल, भगत सिंह राठौर, चैतन्य, निर्गुण, नरगिस कश्यप आदि मौजूद रहे।