श्रीनगर। एचपीसीएल (अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लि.) वित्त पोषित श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना को आनन-फानन में शुरू कराने पर प्रजम (प्रगतिशील जनमंच) ने सवाल उठाए हैं। प्रजम ने इसे भाजपा का राजनीतिक स्टंट करार दिया है।
प्रजम पिछले 296 दिन से शुद्ध पेयजल आपूर्ति, एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर के निर्माण और संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग के लिए आंदोलन चला रही है। शुक्रवार को धरना स्थल में आयोजित सभा में कहा गया कि बृहस्पतिवार को भाजपा के पदाधिकारियों ने फोटो खिंचवाकर पुन: पेयजल योजना का काम शुरू होने का दावा किया है। जबकि मौके पर कोई सरकारी अधिकारी मौजूद नहीं था। भाजपा के दबाव में ठेकेदार 2 पाइप के पीस काटकर लाया, लेकिन उसको जोड़ा नहीं गया। शुक्रवार को कार्य स्थल पर कोई मौजूद नहीं था। कहा कि भाजपा ने जनता को गुमराह करने के लिए पाइप लाइन जोड़ने की नौटंकी की। वक्ताओं ने साइफन, पेयजल टैंक और पाइप ब्रिज का काम शुरू करने की मांग की। इस मौके पर प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी, सदानंद पुरी, एचपी उप्रेती, माया राम बहुगुणा, रतन सिंह पटवाल, जेपी पुरी, दीपा देवी, सिद्धी पटवाल, सरस्वती, ममता, मीना चंदोला और सुंदरी देवी आदि मौजूद थे।