श्रीनगर। भगवान बदरीनाथ के महाभिषेक के लिए जाने वाली गाडू घड़ा (तेलकलश) यात्रा 9 अप्रैल की शाम श्रीनगर पहुंचेगी। 10 अप्रैल की सुबह गाड़ू घड़ा यहां स्थित श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की धर्मशाला में रहेगा। दोपहर बाद तेल कलश यात्रा कर्णप्रयाग को रवाना हो जाएगी।
गाडू घड़ा (तेलकलश) यात्रा के कार्यक्रमानुसार शनिवार (आज) सुबह को श्री डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के प्रतिनिधिगण गाडू घड़ा लेने नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार पहुंचेंगे। जहां महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह की अगुवाई में परंपरागत रुप से सुहागिन महिलाएं तिलों का तेल पिरोएंगी। इस तेल को कलश में रखकर पूजा अर्चना के बाद महल से श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया जाएगा। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि शाम को ही गाडू घड़ा यात्रा ऋषिकेश पहुंचेगी। यात्रा यहां मंदिर समिति के चेलाचेतराम धर्मशाला में प्रवास करेगी। 8 अप्रैल दोपहर में पूजा, अर्चना भोग के पश्चात यात्रा लक्ष्मण झूला को प्रस्थान करेगी। जहां रात्रि प्रवास के पश्चात 9 अप्रैल को यात्रा श्रीनगर व 10 अप्रैल को कर्णप्रयाग होते हुए 11 अप्रैल को लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर गांव पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व 29 अप्रैल को गाड़ू घड़ा वहां पहुंच जाएगा। 26 अप्रैल तक लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाडू घड़ा की पूजा अर्चना चलती रहेगी। मालूम हो, 30 अप्रैल तड़के साढ़े चार बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे।