श्रीनगर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के पौड़ी दौरे से एक दिन पूर्व एएचपीसीएल (अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लि.) वित्त पोषित श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना का काम पुन: शुरू हो गया है। पहले दिन भाजपाईयों की मौजूदगी में श्रीकोट गैस एजेंसी के समीप ठेकेदार ने पाइप लाइन पर वेल्डिंग करवाई। हालांकि मौके पर कार्यदायी संस्था पेयजल निगम के इंजीनियर मौजूद नहीं थे।
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना निर्माण के बाद पानी के संकट को देखते हुए एएचपीसीएल वित्त पोषित श्रीनगर-पौड़ी वैकल्पिक स्रोत पेयजल योजना बनाने के लिए पेयजल निगम, जल संस्थान और एएचपीसीएल के बीच 30 मार्च 2012 को अनुबंध हुआ। इसकी अनुमानित लागत 12 करोड़ 70 लाख 98 हजार तय हुई। कंपनी ने 28 फरवरी 2013 तक पूर्ण धनराशि देनी थी, लेकिन कंपनी ने मार्च 2016 तक सिर्फ 5 करोड़ रुपये ही दिए। कार्यदायी संस्था ने कई बार धनराशि की मांग की। जल निगम योजना पर लगभग 10 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। डीएम की ओर से नोटिस जारी होने पर विगत फरवरी माह में कंपनी ने मात्र 3 करोड़ रुपये दिए, जिससे निगम ने उधार चुकता किया। वर्तमान मेें इसकी लागत 19 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। लगभग 2 साल की इंतजारी के बाद बृहस्पतिवार से अधूरी पड़ी योजना का काम चालू हो गया। इस मौके पर मौजूद भाजपा खिर्सू मंडल अध्यक्ष हयात सिंह झिंक्वाण, नगर मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रावत, जिला पंचायत सदस्य प्रकाश बुटोला, राकेश ध्यानी, अनूप बहुगुणा, पंकज सती, मथुरा प्रसाद सिलोड़ी, कुशलानाथ, विजय लक्ष्मी भट्ट और अंजना डोभाल आदि मौजूद थे। भाजपा नेताओं ने बताया कि कंपनी ने शीघ्र 4 करोड़ रुपये देने की बात की है। काम शुरू हो गया है। जल्द श्रीकोट, श्रीनगर व पौड़ी की जनता को साफ पानी मिलेगा।