जोशीमठ। उर्गम घाटी के देवग्राम के केदार मंदिर में आयोजित चोपता कौथिग के अंतिम दिन देवी भक्तों ने नंदा और सुनंदा को हिमालय के लिए विदा किया। मंदिर में विशेष पूजा अनुष्ठान के बाद मां नंदा को नंदी कुंड और मां सुनंदा को जागरों के साथ उच्च हिमालय क्षेत्र सोन शिखर के लिए विदा किया गया।
उर्गम घाटी के देवग्राम गांव में स्थित केदार मंदिर में दस दिनों से चोपता कौथिग का आयोजन किया जा रहा था। प्रत्येक दो वर्ष में यहां चोपता कौथिग का आयोजन होता है। मान्यताओं के अनुसार चैत्र माह में ग्रामीण केदार मंदिर में शिव और नंदा का विवाह कराते हैं। इस दौरान प्रत्येक दिन मंदिर में शिव नंदा के विवाह की रस्में निभाई जाती हैं। मेले के अंतिम दिन विवाह संस्कार पूर्ण कर जागरों के साथ मां नंदा को नंदी कुंड और मां सुनंदा को सोन शिखर के लिए विदा किया गया। इस दौरान देवी के जागरों से देवी का आह्वान और पूजन भी किया गया। इस मौके पर लक्ष्मण सिंह नेगी, रघुवीर सिंह नेगी, हरीश परमार, महावीर राणा, राजेंद्र सिंह रावत और पूर्णी देवी आदि मौजूद थे।