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चौरास मोटर पुल निर्माण में गई थी 8 लोगों की जान

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श्रीनगर। यहां चौरास मोटर पुल पुल के निर्माण के दौरान एक इंजीनियर और सात मजदूरों की जान चली गई थी। 25 मार्च 2012 की रात पुल का लिंटर डालते वक्त यह हादसा हुआ था। शासन की ओर से कराई गई जांच में खुलासा हुआ था कि पुल के डिजायन और निर्माण में तकनीकी तथ्यों की अनदेखी की गई थी। पुल वजन के असमान होने के कारण ठीक बीच से झुक गया था। ध्वस्त होने के बाद जब लोनिवि ने पुल पर काम शुरू कराया, तो लंबे स्पान को देखते हुए एक और पिलर का निर्माण करना पड़ा।
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दूसरी ओर, श्रीनगर से करीब चीन किलोमीटर दूर कीर्तिनगर में अलकनंदा नदी के ऊपर लगभग 50 के दशक में निर्मित पुराने पुल की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। लोनिवि कीर्तिनगर खंड डेढ़ वर्ष पूर्व पुल के ऊपर से भारी वाहनों की आवाजाही बंद करा चुका है। इस पर छोटे वाहन अभी भी चलते हैं, जबकि पुल का फर्श एबटमेंट से लगभग दो फीट नीचे धंस चुका है। ऐसी स्थिति में इस पुल पर आवाजाही बहुत खतरनाक है।
देवप्रयाग में बाह बाजार को जोड़ने वाला अलकनंदा झूला पुल भी जर्जर अवस्था है। करीब आठ दशक पुराने इस पुल का छोर हल्का झुक गया है। समय के साथ देवप्रयाग की आबादी बढ़ी है, जिसके चलते यह संकरा पुल नाकाफी साबित हो रहा है। आज तक इस पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जबकि पुल की मरम्मत के लिए घोषणा भी हुई थी।
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