कर्णप्रयाग। कम छात्र संख्या के चलते बंद हो गए स्कूलों के खाली भवनों को सरकार अब पंचायतों के हवाले करने की तैयारी में है। प्रदेश के 13 जिलों में 748 भवन खाली पड़े हैं। अकेले पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी और चमोली में खाली पड़े स्कूल भवनों की संख्या 539 है।
प्रदेश के पहाड़ी जिलों में पलायन और अन्य कारणों के चलते लगातार स्कूलों का बंद होना जारी है। वर्तमान स्थिति में करीब एक हजार से अधिक स्कूल बंदी के कगार पर हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग इन खाली पडे़ भवनों को ग्राम पंचायतों के हवाले कर संपत्ति का रखरखाव करने की तैयारी कर रही है। भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि प्रदेश में छात्र विहीन विद्यालयों की संख्या 748 हैं। कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता हरिकृष्ण भट्ट का कहना है कि सरकार न केवल खाली स्कूल भवनों को पंचायतों को दे बल्कि इन स्कूलों के संचालन का जिम्मा भी ग्राम पंचायतों को दे, जिससे गांव में रहने वाले कम बच्चों को भी शिक्षा का लाभ मिल सके।
जनपद खाली स्कूल भवनों की संख्या
अल्मोड़ा 110, बागेश्वर 18, चमोली 62, चंपावत 20, देहरादून 49, हरिद्वार 04, नैनीताल 38, पौड़ी 180, पिथौरागढ़ 92, रुद्रप्रयाग 26, टिहरी 95, उधमसिंहनगर 04, उत्तरकाशी 50