ब्यूरो/अमर उजाला/त्यूनी।
सब कुछ योजना अनुसार रहा तो जनजातीय क्षेत्र के उदांवा, मंगताड़ समेत पांच गांवों की आबादी भी विकास के साथ दौड़ लगा सकेगी। इन गांवों तक सड़क पहुंचाने के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। सड़कों के सर्वे समेत अन्य कार्यों के लिए प्रथम चरण में 72.89 लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है।
अब तक सड़क न होने से उदांवा, मंगताड़, गाटका, नरगाड़ा खेड़ा, बैराठा समेत पांच गांवों की आबादी को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए 7 किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। बीते दिनों स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से गांव तक सड़क निर्माण की मांग की थी। इसके बाद अब शासन स्तर पर इन गांवों को सड़कों से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। भाजपा के प्रदेश कार्यकारणी सदस्य प्रताप रावत, प्रधान बहादुर सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सिंह, नंतराम, मातवर सिंह, पाती राम, अतर सिंह चौहान, हरि सिंह, फतेह सिंह आदि का कहना है कि सड़क पहुंचने से ग्रामीण फसलों को समय पर मंडी तक पहुंचाया जा सकेगा। बीमार लोगों को भी समय पर इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही गांव में अन्य विकास कार्य भी तेजी से हो सकेंगे। सड़क निर्माण से 250 की आबादी लाभान्वित होगी।
अधिशासी अभियंता बीडी भटट ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही मार्ग की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।