कालेश्वर (चमोली)। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को विकासखंड कर्णप्रयाग के कालेश्वर में हिमालयन एक्शन रिसर्च सेंटर (हार्क) एवं यू-कॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में हिमालयी जंगली फलों से तैयार उत्पाद ‘माउंटेन बीम’ लांच किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हार्क के कोल्ड स्टोर, नए उत्पादों की रिसर्च यूनिट एवं खाद्य प्रसंस्करण यूनिट का अवलोकन भी किया।
हार्क कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हार्क संस्था ने दस साल पहले तीन उत्पादों से कार्य शुरू किया था और आज संस्था द्वारा 30 से अधिक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। पहाड़ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में यह सराहनीय प्रयास है। कहा कि किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उसकी ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग पर ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और हार्क संस्था द्वारा तैयार किए गए 14 उत्पादों की माउंटेन वैन को हरी झंडी दिखाकर देहरादून में मार्केटिंग के लिए रवाना किया। हार्क संस्था के सचिव महेंद्र सिंह कुंवर ने कहा कि पहाड़ में खेती ही नहीं बल्कि जंगली फलों से भी बेहतर आय जुटाई जा सकती है। संचालन अरविंद दरमोड़ा ने किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री डा. धन सिंह, हार्क की कोषाध्यक्ष उषा सिमल्टी आदि ने भी विचार रखे।
किनुआ का बीज कराएंगे उपलब्ध, भांग बनेगी आय का जरिया
कालेश्वर(कर्णप्रयाग)। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हजारों रुपये किलो बिकने वाले किनुआ के उत्पादन को लेकर प्रदेश सरकार योजना बना रही है, जिसके तहत 4-5 कुंतल बीज मंगाकर नवंबर से बीज की नर्सरी तैयार की जाएगी। यही नहीं इंडस्ट्रियल हैंप (औद्योगिक भांग) को भी प्रदेश सरकार आय का जरिया बनाएगी, जिसके लिए प्रदेश की एक हजार नाली भूमि में हैंप की नर्सरी तैयार की जा रही है।
बंदर कर रहे नुकसान
कालेश्वर(कर्णप्रयाग)। शनिवार को कालेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में 80 वर्षीय महिला रुकमी देवी और लंगासू के चक्रधर खंडूड़ी ने कहा कि पहाड़ में खेती बंदरों और सूअरों ने समाप्त कर दी है, ऐसे में खेती और कृषिकरण की बातें बेमानी हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार प्रदेश में बंदरबाड़ों का निर्माण करेगी।