कालेश्वर (कर्णप्रयाग)। हार्क द्वारा जंगली फलों से तैयार 14 उत्पादों का माउंटेन बीम सेहत के साथ आर्थिकी भी सुधारेगा। हार्क के सचिव महेंद्र कुंवर का कहना है कि प्रदेश में महज 6-7 प्रतिशत भूभाग पर ही खेती की जाती है, ऐसे में खेती से ही किसान की आय दोगुनी नहीं हो सकती, जिसके लिए हार्क ने जंगली फलों से बनने वाले उत्पादों को भी आर्थिकी से जोड़ा है। कुंवर ने कहा कि आदिकाल से प्रदेश में इन फलों का प्रयोग लोग खान पान में करते रहे हैं, लेकिन अब हार्क ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाएगा। कुंवर ने बताया कि इसके लिए जंगलों में होने वाले फलों का केवल 50 फीसदी हिस्सा ही लिया जाएगा, जिससे हार्क से जुड़ी अलकनंदा स्वायत्त महिला समूह की 2000 महिलाएं आर्थिकी के सुधारने के प्रयास होंगे। वहीं यूकॉस्ट के वैज्ञानिक डा. राजेंद्र डोभाल ने सभी उत्पादों को जैविक बनाया गया है। इनमें किसी प्रकार की कोई रासायनिक चीज नहीं मिलाई गई है।
एप्रीकॉट चटनी
माउंटेन बीम के तहत बनाया गया पहला उत्पाद जंगली खुमानी यानि चुल्लू से तैयार चटनी है, जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और करोटीन पाया जाता है।
पीच चटनी
माउंटेन बीम का दूसरा उत्पाद है पीच यानि जंगली आड़ू की चटनी। इसमें कार्बोहाईड्रेट और विटामिन सी का बेहतरी मिश्रण होता है।
पुलम चटनी
जंगली पुलम से तैयार चटनी पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें कार्बोहाईड्रेट और विटामिन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। साथ ही इसमें शहद की मात्रा भी पाई जाती है।
हनी डिप वालनट
जंगल के अखरोट और शहद को मिलाकर यह उत्पाद तैयार किया गया है। यह उत्पाद आयुर्वेदिक औषधियों का भंडार है। इसे हर वर्ग के लोग प्रयोग कर सकते हैं।
चुल्लू का तेल
जंगली चुल्लू से निर्मित यह बॉडी ऑयल त्वचा के लिए लाभदायक है, जिससे त्वचा की नमी को बरकरार रख सकते हैं। इसके अलावा हार्क ने काफल, हिंसर से भी कई उत्पाद तैयार किए हैं।