ब्यूरो/ऋषिकेश। सूबे के एकमात्र ऑटोनोमस कॉलेज में बीएमएलटी कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं की ट्रेनिंग (इंटर्नशिप) अब एम्स संस्थान में होगी। एम्स प्रशासन कॉलेज के बीएमएलटी के छात्रा-छात्राओं को इंटर्नशिप कराने के लिए तैयार हो गया है। इस बाबत कॉलेज प्रशासन और एम्स के बीच चल रही समझौता प्रक्रिया बृहस्पतिवार को पूरी हो गई है।
राजकीय स्नातकोत्तर स्वायत्तशासी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने बृहस्पतिवार को बताया कि बीएमएलटी (बैचलर ऑफ मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी) के छात्र-छात्राओं को अब इंटर्नशिप के लिए इधर-उधर नहीं भटकना होगा। उन्हें एम्स में विश्वस्तरीय ट्रेनिंग की सुविधा प्राप्त हो सकेेगी। बताया कि इस बाबत एम्स और कॉलेज के मध्य पांच साल का करार हुआ है, जिसमें संस्थान के विशेषज्ञ और चिकित्सक छात्र-छात्राओं को ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, बॉयोकैमेस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी समेत विभिन्न प्रकार की जानकारियां व प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एम्स की डीन प्रोफेसर सुरेखा किशोर ने बताया कि इस करार के तहत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को छह माह तक संस्थान में ट्रेनिंग दिया जाना तय हुआ है। बताया कि समझौते की अवधि पांच साल निर्धारित की गई है। वहीं, प्राचार्य डॉ. माहेश्वरी ने एम्स निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत से मुलाकात की। उन्होंने लंबित प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने पर एम्स प्रशासन का आभार जताया। इस अवसर पर विभाग के समन्वयक डॉ. जीके ढींगरा, डॉ. कदयाधर दीक्षित, देवेंद्र भट्ट आदि मौजूद थे।