ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
नगर निगम की अधिसूचना रद्द होने के बाद शासन द्वारा पालिका को बहाल करने में किए जा रहे विलंब के विरोध में बुधवार को निवर्तमान पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा व बोर्ड के कुछ सभासद नगर पालिका कार्यालय में सांकेतिक तौर पर बैठे। उनका कहना था कि निगम की अधिसूचना समाप्त होने के बाद नगर पालिका अस्तित्व में आ चुकी है। लिहाजा, पालिकाध्यक्ष व सभासद कार्य कर सकते हैं।
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा और कुछ सभासद बुधवार शाम करीब चार बजे नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। इस दौरान वह पूर्व की भांति कुछ देर चेयरमैन कक्ष में बैठे रहे। इस दौरान निवर्तमान अध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा कि शासन ने पालिका की बहाली के बाबत कोई दिशा-निर्देश अभी तक जारी नहीं किए हैं। इस कारण विधिवत रूप से अध्यक्ष व सभासद कार्यालय में अपना कार्य संपन्न नहीं करा पा रहे हैं। इससे कार्यालय के कार्य व जनता के निकाय संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। शर्मा ने जनता में पालिकाध्यक्ष और सभासदों द्वारा अपनी वैधानिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए कार्यालय में कुछ समय के लिए सांकेतिक रूप से बैठने की बात कही। इस मौके पर निवर्तमान सभासद विकास तेवतिया, राधा रमोला, राजकुमारी जुगरान, विजयलक्ष्मी भट्ट, मधु मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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शासन ने भंग किए गए पालिका बोर्ड को बहाल करने के बाबत अभी कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। न्यायालय के आदेश का परीक्षण और उसका जवाब दिए जाने के लिए कागजी कार्रवाई चल रही है। पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष व सभासद निकाय में कुर्सी पर बैठे हैं, तो यह गलत है। इसे दिखवाया जाएगा।
विनोद कुमार सुमन
अपर सचिव एवं निदेशक शहरी विकास