ब्यूरो/अमर उजाला
चकराता।
इन दिनों पुरोड़ी और आसपास के इलाकों में पानी का भीषण संकट बना हुआ है। नल पूरी तरह से सूख गए हैं। लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। करीब एक किमी दूर स्थित जल स्रोत से पानी ढोना पड़ रहा है।
एक सप्ताह से पुरोड़ी और आसपास के गांव में पानी का संकट बना हुआ है। 800 की आबादी की दिनचर्या पूरी तरह से गड़बड़ा गई है। महिलाओं और बच्चों का पूरा दिन पानी की व्यवस्था में निकल रहा है। होटल व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी युद्धवीर तोमर, खजान सिंह, महावीर सिंह, सुल्तान सिंह, खुशीराम जोशी, टीकम सिंह, शमशेर सिंह, अजीत, युवराज आदि का कहना है कि क्षेत्र में पुरोड़ी-छुटऊ तोक समूह पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है, लेकिन लाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। जिससे गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। शिकायत के बाद भी क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। होटल व्यवसायियों को टैंकर से पेयजल आपूर्ति करनी पड़ रही है। वहीं लोगों को जल स्रोत से पानी लाना पड़ रहा है।
अधिशासी अभियंता पेयजल निगम सोहित बरनवाल ने कहा कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराया जा रहा है। जल्द पेयजल आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।