गोपेश्वर। आस्ट्रेलिया का एक दंपति हिंदू रीति-रिवाज से इतना प्रभावित हुआ कि एक बार फिर इन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह रचाया। शुक्रवार को कुजौं-मैकोट क्षेत्र के पौराणिक गणजेश्वर मंदिर में इस विदेशी दंपति ने सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाई।
आस्ट्रेलिया निवासी पीटर (65) और उनकी पत्नी रोंडा (65) पिछले एक हफ्ते से चमोली जिले के भ्रमण पर हैं। 14 मार्च को यह विदेशी दंपति गोपेश्वर से चार किलोमीटर दूर रौली गांव पहुंचा। वहां उन्होंने होम स्टे किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात फ्रेनवे ट्रेवल कंपनी की अध्यक्ष पूनम रावत से हुई। पीटर और रोंडा यहां के रीति-रिवाज और संस्कृति से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज के साथ पुन: विवाह रचाने की इच्छा जताई। पूनम रावत और उनके परिजनों ने शादी की सभी तैयारियां की। शादी के लिए उन्हें अर्जुन और शर्मिला नाम दिया गया।
शुक्रवार को कुजौं-मैकोट क्षेत्र में स्थित गणजेश्वर मंदिर में आस्ट्रेलियन दंपति पीटर और रोंडा का हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया। यहां मंत्रोच्चारण के साथ दंपति ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। पूनम रावत ने बताया कि उनकी फ्रेनवे ट्रेवल कंपनी की शाखा का संचालन जर्मनी में भी किया जा रहा है। कंपनी की ओर से विदेशी पर्यटकों को होम स्टे के जरिए उत्तराखंड की संस्कृति और लोक जीवन से रूबरू कराने का कार्य किया जा रहा है। अर्जुन (पीटर) ने कहा कि हिंदू धर्म में शादी का यह विधान अनूठा है। इसी से प्रभावित होकर उन्होंने यहां दोबारा विवाह रचाया है।