श्रीनगर। राज्य सरकार की सर्वदलीय कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में राज्य आंदोलनकारियों को 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर चर्चा न होने से आंदोलनकारियों में आक्रोश व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने मांगों को लेकर उग्र आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
चिह्न्ति राज्य आंदोलनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार व विपक्षी दल उनकी मांगों के प्रति गंभीर नही है। कहा कि सर्वदलीय कार्यमंत्रणा समिति में आंदोलनकारियों को 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण पर चर्चा न किया जाना सरकार व विपक्षी दलों की सोची समझी साजिश है। आंदोलनकारी समिति की नगर शाखा के अध्यक्ष उम्मेद सिंह मेहरा ने कहा कि अब आंदोलनकारियों के पास मात्र आंदोलन ही एक मात्र विकल्प है। कहा कि आंदोलनकारी 20 मार्च को गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधान सभा सत्र में आरक्षण व समान पेंशन के लिए विधान सभा का घेराव व प्रदर्शन करेंगे। मेहरा ने बताया कि आंदोलन की रूप रेखा को लेकर 19 मार्च को जनपद चमोली के जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में आंदोलनकारियों के साथ ही समिति के केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे, मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप आदि भी मौजूद रहेंगे।