गैरसैंण। गैरसैंण स्थायी राजधानी के लिए आमरण अनशन पर बैठे खीम सिंह रौथाण को प्रशासन ने बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। इससे नाराज आंदोलनकारियों ने रामलीला मैदान में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अब दो लोग और अनशन पर बैठ गए हैं।
प्रशासन की टीम अनशनकारी खीम सिंह को जबरन उठाने पहुंची तो आंदोलनकारियों ने इसका विरोध किया। आखिरकार उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया और ग्लूकोज चढ़वाया। प्रशासन की कार्रवाई से गुस्साए आंदोलनकारियों ने इसके विरोध में नारेबाजी की। अब व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष रणजीत शाह और टैक्सी यूनियन के उपाध्यक्ष महावीर सिंह अनशन पर बैठ गए। कुछ समय बाद खीम सिंह दोबारा अनशनस्थल पहुंचे और आमरण अनशन शुरू किया। धरना देने वालों में धनीराम, जसवंत, कृष्णा नेगी, कमला पंवार, सरोज शाह, मंजू बिष्ट, वीरेंद्र प्रसाद जोशी, राज्य आंदोलनकारी पूरन सिंह नेगी, धूमा देवी, खिमुली देवी, पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रावत, मनोज, जगदीश प्रसाद आदि शामिल थे।
स्थायी राजधानी के लिए निकाली टैक्सी रैली
गैरसैंण। प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर रामगंगा टैक्सी यूनियन ने तहसील मुख्यालय पर टैक्सी रैली निकाली और प्रदर्शन भी किया। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि 20 मार्च तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। रामगंगा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दान सिंह के नेतृत्व में शुरू हुई रैली रालीला मैदान से शुरू होकर जीआईसी मैदान पहुंची। इसके बाद रैली वापस रामलीला मैदान पहुंची, जहां वाहन चालकों और स्वामियों ने गैरसैंण राजधानी के पक्ष में नारेबाजी की।
मीडिया कर्मियों ने दिया धरना
गैरसैंण। बुधवार को आंदोलनकारियों से झड़प के दौरान पुलिस कर्मियों की ओर से मीडिया कर्मियों के साथ अभद्रता के मामले में मीडिया कर्मियों ने तहसील में एक घंटे सांकेतिक धरना। एसडीएम स्मृता परमार के माध्यम से डीएम और पुलिस महानिदेशक को भेजे ज्ञापन में मीडिया कर्मियों ने आरोपी पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। धरना देने वालों में तहसील अध्यक्ष अवतार सिंह नेगी, जोध सिंह रावत, पुरुषोत्तम असनोड़ा, अभिषेक रावत, गौरव शाह और पुष्कर सिंह आदि शामिल थे।
आदिबदरी में बैठक कल
आदिबदरी। स्थायी राजधानी गैरसैंण को घोषित करने की मांग लेकर तहसील मुख्यालय पर 17 मार्च को बैठक होगी। समिति के आदिबदरी अध्यक्ष भुवन बरमोला ने बताया कि बैठक में आदिबदरी में अनशन शुरू करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। साथ ही 20 मार्च को विधानसभा घेराव को लेकर भी चर्चा होगी। बरमोला ने बैठक में महिला मंगल दलों, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ही अन्य संगठनों से जुड़े हुए लोगों और बुद्धिजीवियों से शामिल होने की अपील की।