देवाल। जड़ी, बूटी और मटर की खेती के लिए प्रसिद्ध ब्लाक के घेस-हिमनी और बलाण गांवों को सीएम ने शहद का उत्पादन करने की सलाह दी। मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीणों से रूबरू हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गांवों में विधिवत डिजिटल सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि गांवों में शहद उत्पादन की प्रबल संभावनाएं हैं। इसलिए किसान खेती के साथ-साथ शहद उत्पादन के क्षेत्र में भी काम करें। सीएम ने ग्रामीणों से गांवों को तीन माह में बिजली से आच्छादित करने की बात कही।
घेस-हिमनी और बलाण गांवों अब डिजीटल सेवा (इंटरनेट सुविधा) से जुड़ चुका है। सोमवार को आईटी के निदेशक अमित सिन्हा ने ट्रायल के तौर पर यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग की और मंगलवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जीआईसी घेस, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिमनी में डिजीटल सेवा का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सीधे ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं के साथ वार्ता की। सीएम ने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से जहां स्कूली बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिलेगी वही ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाऐं, उन्नत कृषि तकनीकी के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होंगी। सीएम ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने और ग्रामीणों को उन्नत किस्म की मटर की खेती तथा शहद उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहद की सफाई, पैकिंग और मार्केटिंग की भी व्यवस्था कराई जाएगी, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। वीसी में मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी इला गिरि, सीवीओ डा. लोकेश कुमार, सीएमओ नरेन्द्र यादव सहित शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।