ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती।
परमार्थ निकेतन में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का बुधवार को विधिवत समापन हो गया। इस मौके पर 70 घंटे तक योग कक्षाओं की मेजबानी करने के लिए लंदन (यूके) की संस्था वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स की ओर से स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि व साध्वी भगवती सरस्वती को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं सांध्यकालीन गंगा आरती के बाद सूफी गायक पद्मश्री कैलास खेर ने कैलासा बैंड की धुन पर भजनों की प्रस्तुति दी।
आश्रम परिसर में बुधवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन अवसर पर योगाचार्यों ने साधकों को योग की विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस दौरान योग जिज्ञासुओं ने बताया कि यहां विश्व का सबसे बड़ा यौगिक परिवार है, जहां पर विभिन्न संस्कृतियों, धर्म और भाषा के योगी एकजुट होकर साधकों में चेतना का विस्तार करते हैं। इस मौके पर परमार्थ निकेतन की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में 70 घंटे तक योग कक्षाओं की मेजबानी करने के लिए लंदन (यूके) की संस्था वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स पुरस्कार के प्रतिनिधि ब्रिटेन के वीरेंद्र शर्मा ने स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि और साध्वी भगवती सरस्वती को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि योग भीतर और बाहर के पर्यावरण में संतुलन पैदा करता है। साथ ही योग हमें भीतरी और बाहरी पर्यावरण के प्रति जागृत होने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जीवन में योग होगा तो दिलों में संयोग होगा। यह समारोह वियोग नहीं बल्कि संयोग सामंजस्य, सद्भाव और समरसता का आयोजन है। योग स्वयं से जोड़ने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। इसके माध्यम से हम जीवन की नकारात्मक परतों से उभरकर बोधत्व को प्राप्त करते हैं। इस मौके पर स्वामी ने विश्व के 96 देशों से आए करीब 2000 योग जिज्ञासुओं को योग महोत्सव के समापन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।