ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती।
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन पर बुधवार शाम संध्याकालीन गंगा आरती में परमार्थ निकेतन पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने साधकों को विश्व एक परिवार का संदेश दिया। योग गुरु ने कहा कि योग में शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और एकता समाहित है।
बाबा रामदेव ने कहा कि योगी का जीवन शुद्ध व पवित्र होना चाहिए। ब्रह्म और ब्रह्मांड के एकत्व का नाम ही योग है। स्वामी चिदानंद सरस्वती शांति, पर्यावरण संरक्षण और प्रेम का संदेश प्रसारित करने वाले विश्वस्तरीय राजदूत हैं। उन्होंने आश्रम को योग के लिए उपयुक्त स्थान बताया। उन्होंने योग जिज्ञासुओं से प्रात:काल योग और फिर कर्मयोग करने का आह्वान किया। इस दौरान आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि, साध्वी भगवती सरस्वती, सूफी गायक कैलास खेर आदि मौजूद रहे।