गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित किए जाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में अनशन बुधवार को भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे खीम सिंह का डॉक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण किया तो उनके वजन में चार किलो की गिरावट मिली। आंदोलनकारियों ने राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। दूसरी ओर समिति के पदाधिकारियों ने तहसील के मोहल्लों और बाजार में 10 मार्च को होने वाली महापंचायत और 11 मार्च को होने वाली महारैली का प्रचार भी किया।
रामलीला मैदान में प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण को घोषित करने के लिए 26 जनवरी से क्रमिक अनशन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से अनशनकारियों को जबरन उठाए जाने पर सोमवार से खंसर घाटी के खीम सिंह अनशन पर बैठे हैं। बुधवार को हुए स्वास्थ्य परीक्षण में खीम सिंह के वजन में 4 किलो गिरावट दर्ज होने के साथ ही बल्डप्रेशर हाई और शुगर लेबल अनियंत्रित पाया गया। वहीं अनशनकारी के समर्थन में बैठे लोगों ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने को लेकर प्रशासन और सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। बुधवार को धरना देने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, महामंत्री धनीराम, सुरेंद्र सिंह विष्ट, एडवोकेट महेशानंद देवली, कमला पंवार, जसवंत, महेश चंद्र पांडे, धूमादेवी, गौरव शाह, पुरुषोत्तम असनोड़ा, त्रिलोक सिंह, जोध सिंह रावत, वीरेंद्र बिष्ट, सरोज शाह, कृष्णा नेगी आदि शामिल रहे।
नारायणबगड़ में बैठक आज, आदिबदरी में कल
आदिबदरी। गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर नारायणबगड़ में 8 मार्च (आज) और आदिबदरी में शुक्रवार नौ मार्च (कल) को बैठक होगी। नारायणबगड़ में संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र सिंह रावत और सरिता नेगी ने बताया कि बैठक ब्लाक सभागार में होगी। वहीं आदिबदरी में बैठक के संयोजक विजय सिंह कुंवर ने बताया कि बैठक में महापंचायत और महारैली की तैयारियों को लेकर चर्चा की जाएगी।