श्रीनगर। वर्तमान में टिहरी जिले के कीर्तिनगर में तैनात उप जिलाधिकारी नूपुर वर्मा ने गणित की शिक्षिका के रूप में करियर की शुरूआत की। शिक्षण कार्य के दौरान ही सामाजिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासनिक सेवाओं के महत्व को देखते व समझते हुए उन्होंनेे प्रशासनिक सेवा में जाने की ठानी। राज्य सिविल आयोग सेवा की ओर से आयोजित प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2010 में वह अपने प्रथम प्रयास में ही सफल रही।
एसडीएम नूपुर का कहना कहना है कि जब भी जिस भी दायित्व को निभाने का अवसर मिले, उसे पूर्ण समर्पण के साथ निभाना चाहिए। महिलाओं को आगे बढ़ाने और उनके मान सम्मान के संरक्षण में तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं (शिक्षित बनाना, स्वावलंबन देना, कानूनी संरक्षण देना।) पर व्यक्तिगत रूप से प्रयास करती रहती हैं।
प्रशासनिक सेवा में रोज नई चुनौतियां सामने आती हैं, जिनका संयम एवं विवेक के साथ दायित्वों का निर्वहन करना होता है। कई बार नियमों के दृढ़ अनुपालन कराने के लिए कठोर होकर कार्य करना पड़ता है। प्रशासनिक पद पर कार्यरत व्यक्ति चाहे वह महिला या पुरुष उन पर शासकीय दायित्व निभाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन महिला अधिकारियों के समक्ष घर के साथ सामंजस्य बैठाने और बच्चों की परवरिश करने की चुनौती होती है। शासकीय दायित्वों की जिम्मेदारी अधिक महत्वपूर्ण है। इस वजह से अक्सर पारिवारिक दायित्व पीछे छूट जाते हैं।