उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने विधानसभा कार्यालय कक्ष में हंस फाउंडेशन, अक्षय पात्र और सरकार के बीच मिड-डे मील को लेकर साइन हुए एमओयू की जानकारी दी। मंत्री पाण्डेय ने कहा इस अनुबन्ध से प्रदेश के छात्रों को गुणवत्ता युक्त पौष्टिक भोजन मिलेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि हंस फाउंडेशन प्रदेश भर के नौ किचन के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये का अंशदान करेगा, देहरादून, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार जिनमें प्रमुख रूप से शामिल होंगे। गढ़वाल के बाद शीघ्र कुमाऊं में भी दूसरे किचन का शिलान्यास किया जाएगा ।
हंस फाउंडेशन द्वारा किये गए इस महान सहयोग से सरकार पर बजट का भार कम होगा। शिक्षा मंत्री ने कहा केन्द्र सरकार द्वारा मिलने वाले प्रति छात्र 6 रुपये के बजट से छात्रों को पौष्टिक भोजन देना बहुत मुश्किल हो रहा था। हंस फाउंडेशन द्वारा 4 रुपये अतिरिक्त अंशदान के बाद कुल 10 रुपये में गुणवत्ता युक्त पौष्टिक भोजन छात्रों को आसानी से उपलब्ध होगा। इस मौके पर सचिव भूपेन्द्र कौर औलख, महानिदेशक शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी मौजूद थे।
हंस फाउंडेशन शुरू से ही अपने संस्थापक भोले महाराज व माता मंगला के नेतृत्व में उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन को लेकर काम करती आयी है। इसी को आगे बढ़ाते हुए अब स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य के ऊपर काम करना शुरू किया गया है। संस्था ने उत्तराखंड को इसलिए चुना है क्योंकि यह भारत की सभ्यता का उदगम स्थल है, जहां बड़े स्तर पर विकास आधारित काम किये जाने की जरूरत है। हंस फाउंडेशन 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 300 से ज्यादा संस्थानों की मदद कर रही है, इसने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, जीवन-यापन, जल और साफ-सफाई के क्षेत्र में कई परियोजनाओं को पूरा किया है और कई परियोजनाएं जारी हैं।
देखिये इस एमओयू से जुडी अमर उजाला की एक्सक्लूसिव कवरेज: