फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

96 देशों से आए योग साधकों ने लिया स्वच्छता और विश्वशांति के निर्माण का संकल्प

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती।
विज्ञापन

परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के छठे दिन योग साधकों, जिज्ञासुओं ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास किया। इस दौरान 96 देशों से जुटे योग जिज्ञासुओं ने स्वच्छता व विश्व शांति के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में शामिल हो रहे 96 देशों के योग जिज्ञासुओं को स्वच्छता और विश्व शांति निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि योग की विधा में जीवन को बदलने की अनंत संभावनाएं हैं। एक सच्चा योगी अनंत क्षमताओं से युक्त होता है।
आश्रम परिसर में मंगलवार को प्रात:कालीन सत्र में योगाचार्य गुरुशब्द सिंह ने साधकों को कुंडलिनी योग का अभ्यास कराया। अमेरिका के योगाचार्य किआ मिलर ने विन्यास योग, परमार्थ निकेतन की नंदनी त्रिपाठी ने सूक्ष्म योग व योगाचार्य शाऊल डेविड ने हृदय शक्ति को केंद्रित करने की तालीम दी। योगाचार्य डेना सेराए ने हार्ट ऑफ हनुमान, ऐना फॉरेस्ट ने फॉरेस्ट योग का प्रशिक्षण दिया। उन्होेंने बताया कि फॉरेस्ट योग संगीत, दर्शन, प्रार्थना, कविता के समग्रता की आधुनिक शैली है। अमेरिका से आई योगाचार्य गुरुमुख कौर खालसा ने योग जिज्ञासुओं को कुंडलिनी योग, ब्राउन सिद्धार्थ इंगले ने सोममेटिक योग, जुल्स फेवर ने प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वामी उत्तमानंद ने ओम और ओम नम: शिवाय के आंतरिक अर्थ पर केंद्रित संस्कृत मंत्र पर व्याख्यान दिया। डॉ. अंजना भगत ने प्रारंभिक चक्र ध्यान, डैफिनी त्से ने आत्मा के लिए जप, आदित्यनंदा सरस्वती ने आध्यात्मिक पाठ्यक्रम ‘एक दिव्य कल’ पर व्याख्यान दिया। लद्दाख से आए बौद्ध गुरु संघसेना ने जिज्ञासु साधकों को बौद्ध ध्यान का अभ्यास कराया। केटी फिशर ने जप के माध्यम से होने वाली शारीरिक कंपन पर ध्यान केंद्रित करने की तालीम दी। अमेरिकी लेखक बैंडन बेज ने द जर्नी के विषय में जानकारी दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें