ब्यूरो/अमर उजाला/मुनिकीरेती।
मुनिकीरेती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के छठे दिन योग साधकों को सप्तचक्र ध्यान साधना का अभ्यास कराया गया। इस दौरान देसी विदेशी जिज्ञासु साधकों ने 40 से अधिक योग कक्षाओं में शिरकत की।
गढ़वाल मंडल विकास निगम स्थित गंगा रिसॉर्ट विश्रामगृह में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में मंगलवार को योगी गुलशन कुमार ने साधकों को सप्तचक्र ध्यान साधना का अभ्यास कराया। गुलशन कुमार ने बताया कि सप्तचक्र साधना एक ऐसी साधना है, जिसमें व्यक्ति अपनी इंद्रियों को बाहरी शक्तियों से हटाकर आंतरिक आत्मा को जागृत कर सकता है। योगी बृजपाल चौधरी ने बताया कि महर्षि पतंजलि का पहला योग सूत्र अर्थ योगानुशासन है, जिसका आसय अनुशासन ही योग है। मौनद्रिता सेन गुप्ता ने योग साधकों को प्राणायाम, आसन, थेरेपी, लाफ्टर योगा, सूर्य क्रिया व हीलिंग ऊर्जा का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि हीलिंग ऊर्जा से हम शरीर के अंदर जटिल रोगों को दूर कर शरीर को स्वस्थ बना सकते हैं। पूर्व राजदूत व योगाचार्य चंद्रमोहन भंडारी ने नाड़ी व श्वास संबंधी जानकारी दी और साधकों को अभ्यास कराया। पद्मश्री भारत भूषण ने सूर्य क्रिया व लाफ्टर योग का अभ्यास कराया। दिनेशचंद्र शास्त्री ने जिज्ञासुओं को क्लासिकल योग व हंसी योग की तालीम दी, स्वामी रमेश अखंडानंद ने कुंडलिनी जागरण, आचार्य विमलेश जोशी ने हठ योग, डॉ. लक्ष्मीनारायण जोशी ने आसन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। महोत्सव में स्वामी प्रेम बाबा व भारत भूषण ने आध्यात्म व योग पर व्याख्यान भी दिए। इस अवसर पर महाप्रबंधक बीएस राणा, जीएम उद्योग मोहन सिंह बर्निया, आशीष उनियाल, भगवान रावत, रवि कंडारी, प्रदीप रावत, एसपीएस रावत, अंकित केष्टवाल, सुरेश पंवार आदि मौजूद रहे।