ब्यूरो/ अमर उजाला, मुनिकीरेती
मुनीकीरेती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के पांचवें दिन 1200 से अधिक योग साधकों ने विभिन्न कक्षाओं में योग, प्राणायाम, आध्यात्म और नेचुरल थैरेपी की शिक्षा ली। इस दौरान आध्यात्म के साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के लिए छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया।
सोमवार को गढ़वाल मंडल विकास निगम के गंगा रिसोर्ट विश्रामगृह में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में योगाचार्य पद्मश्री भारत भूषण ने योग साधकों को सूर्य क्रिया योग का अभ्यास कराया। बताया कि सूर्य जीवन को जीने की प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करता है। सूर्य क्रिया 12 प्रकार की जबकि चंद्र क्रिया 16 प्रकार से की जा सकती है।
प्रात:कालीन सत्र में योगी सुरेंद्र सिंह ने हठयोग व आसन, सचिन बडोनी ने प्राणायाम व फाउंडेशन वर्कशाप, योगाचार्य चंद्रमोहन भंडारी ने योगासन व प्राणायाम, जानकी रमन्ना और अरूल पेरूमल ने मेडिसन ऑफ आसन, राजीव तिवाड़ी ने यौगिक मेडिसन, प्रेम करूणा स्वामी ने विज्ञान प्राणायाम, ऊषा माता ने अयंगर योग का अभ्यास कराया। योगी विपिन बडोनी ने योग फॉर चिल्ड्रन, विमल शर्मा ने समाख्य दर्शनशास्त्र, विवेक आर्य ने योगिम मेनेंजमेंट, स्वामी आत्मानंद ने मंत्र योग, डॉ. अरूण कुमार ने मर्म थैरिपी का अभ्यास कराया, जबकि स्वामी अभिषेक चैतन्य ने उपनिषद व सूत्र पर व्याख्यान दिए। इस अवसर पर जीएमवीएन की प्रबंध निदेशक ज्योति नीरज खैरवाल, महाप्रबंधक बीएल राणा, महाप्रबंधक उद्योग एमएल बर्निया, विजयपाल रावत, भारतभूषण कुकरेती, रवि नेगी, सूर्यप्रकाश कोठारी, अनिल नौटियाल, डीएस नेगी, डीएस राणा, जितेंद्र सजवाण, राजेश उनियाल आदि मौजूद थे।