कर्णप्रयाग। स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग के लिए चल रहा आंदोलन उग्र हो चला है। आंदोलन के लिए समिति ने 10 मार्च को गैरसैंण में महापंचायत और 11 मार्च को महारैली के आयोजन का एलान किया है। विभिन्न कस्बों में बनी समितियों के पदाधिकारियों की मानें तो गैरसैंण पर महापंचायत से लेकर महारैली तक के आयोजनों को सफल बनाकर राजधानी की घोषणा तक आंदोलन किया जाएगा।
गैरसैंण स्थायी राजधानी के लिए सात दिसंबर से यहां आंदोलन किया जा रहा है। सात दिसंबर को राइट टू हेल्थ संस्था के प्रवीण कुमार के नेतृत्व में पांच लोगों ने गैरसैंण रामलीला मैदान में आमरण अनशन शुरू किया था। इन आंदोलनकारियों को 11 दिसंबर को प्रशासन ने उठा दिया, जिसके बाद 12 दिसंबर से 25 जनवरी तक लगातार क्रमिक अनशन और 26 जनवरी से शुरू किया क्रमिक अनशन अभी तक जारी है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह का कहना है कि आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाए जाने के लिए समिति ने 10 मार्च को गैरसैंण में महापंचायत और 11 मार्च को महारैली का आयोजन किया है। इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों से संपर्क किया जा रहा है।
कोट
- गैरसैंण राजधानी के लिए नारायणबगड़ और कुलसारी सहित कई कस्बों में आंदोलन किया गया। दस मार्च को गैरसैंण में होने वाली महापंचायत और 11 मार्च को होने वाली महारैली में ब्लाक से भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और लोग शामिल होंगे। गैरसैंण को किसी भी हाल में राजधानी बनाया जाना चाहिए। - एमएन चंदोला, अध्यक्ष स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति नारायणबगड़।
- गैरसैंण स्थायी राजधानी को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन को राजधानी की घोषणा तक किया जाएगा। गैरसैंण में 10 मार्च को होने वाली महापंचायत और 11 मार्च को होने वाली महारैली को सफल बनाने के लिए कर्णप्रयाग में बनी समिति पूरा सहयोग करेगी। - वीरेंद्र मिंगवाल, अध्यक्ष बाबा मोहन उत्तराखंडी शहीद स्मृति समिति कर्णप्रयाग।